Chardham Yatra : उत्तराखंड चारधाम यात्रा में रील पर रोक रहेगी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नया ऐलान

Uttarakhand Chardham Yatra ban on reels : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रा और पर्यटन में फर्क होता है और चारधाम यात्रा की धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह बयान नई दिल्ली में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की परंपराओं को मानना होगा और रील बनाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी, ताकि यात्रा की पवित्रता बनी रहे।

चारधाम यात्रा का महत्व

चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है। यह यात्रा उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों की परिक्रमा करती है। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम की पवित्र यात्रा करने के लिए उत्तराखंड आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा की अपनी विशिष्ट परंपराएं और नियम हैं, जो हमारे पूर्वजों द्वारा स्थापित किए गए थे। यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, न कि पर्यटन से। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग भ्रामक प्रचार करने के लिए पुराने वीडियो और गलत सूचनाओं का उपयोग कर रहे हैं, जिससे गलत संदेश जाता है। इसलिए, यात्रा के दौरान रील बनाने और सोशल मीडिया पर गलत प्रचार करने पर रोक लगाई जाएगी।

2013 की आपदा के बाद केदारनाथ का पुनर्निर्माण

2013 में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पुनर्निर्माण कार्यों में धार्मिक आस्था और पारंपरिक वास्तुकला को ध्यान में रखा गया है। सरकार इकोलॉजी और इकॉनमी के संतुलन को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए नए उपाय कर रही है।

Chardham Yatra : भीड़ नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन

चारधाम की यात्रा के दौरान हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में नए धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि प्राकृतिक संतुलन भी बना रहेगा।

चारधाम यात्रा 2025 के लिए प्रमुख दिशा-निर्देश

  1. ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य: सभी यात्रियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा ताकि श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।
  2. इको-फ्रेंडली यात्रा: प्लास्टिक और अन्य हानिकारक सामग्रियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
  3. स्वास्थ्य सेवाएं: यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
  4. नए यात्री विश्राम स्थल: यात्रियों की सुविधा के लिए नए विश्राम स्थल और धर्मशालाएं बनाई जाएंगी।
  5. रील और अनावश्यक वीडियो पर प्रतिबंध: यात्रा की पवित्रता बनाए रखने के लिए अनावश्यक वीडियो शूटिंग और सोशल मीडिया प्रचार को सीमित किया जाएगा।

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प्रकाश जोशी हिंदी पत्रकारिता का जाना पहचाना नाम हैं। बिजनेस, ऑटो, टेक और आर्थिक मामलों के जानकार है। लगभग 25 वर्षों से विभिन्न संस्थानों में सेवाएं दे चुके हें। विभिन्न विषयों पर कई पुस्तकें प्रकाशित। कई मीडिया शो और इंटरव्यू के जरिए दुनियाभर में अपनी पहचान बना चुके हैं। UNCUT TIMES के वरिष्ठ सहयोगी के रूप में टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं।


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