नैनीताल जिला पंचायत चुनाव में उलटफेर, डीएम ने करा दी काउंटिंग

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Uttarakhand News : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जिला पंचायत चुनाव अचानक हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया। शुक्रवार को जहां उम्मीद थी कि दोबारा मतदान (Re-Polling) की प्रक्रिया शुरू होगी, वहीं प्रशासन ने पहली बार हुए मतदान की ही काउंटिंग करा दी। कड़ी सुरक्षा और वीडियोग्राफी के बीच हुई इस गिनती के नतीजों को सीलबंद लिफाफे में रखकर हाईकोर्ट को सौंपा जाएगा।

डीएम ने दी जानकारी

जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 22 जिला पंचायत सदस्यों के वोटों की गिनती कराई गई। चूंकि नियमावली में री-पोलिंग का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए गिनती सीधे पूरी की गई। केवल बूथ कैप्चरिंग, तकनीकी खामी या बैलेट बॉक्स को नुकसान होने पर ही दोबारा मतदान हो सकता है। परिणाम अब सीलबंद लिफाफे में रखकर 18 अगस्त को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा।

पूरा मामला – अपहरण और हंगामा

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान माहौल उस समय बिगड़ गया जब पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण कर लिया गया। यह घटना मतदान के लिए जाते समय जिला पंचायत कार्यालय के पास हुई। अचानक 10-12 अज्ञात लोग रंग-बिरंगी बरसाती पहनकर आए और कांग्रेस से जुड़े जिला पंचायत सदस्यों को मारपीट कर खींचते हुए करीब 100 मीटर दूर ले जाकर एक वाहन में डालकर ले गए। इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने जमकर हंगामा किया और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट के आदेश पर चुनाव स्थगित कर दिया गया। अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव दोबारा होगा।

कौन-कौन थे उम्मीदवार?

नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा प्रत्याशी दीपा दरमवाल और कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी आमने-सामने थीं। चुनाव के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को जिला पंचायत कार्यालय के 500 मीटर दायरे में धारा 163 लगाकर बैरिकेडिंग करनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इनमें देखा गया कि कुछ लोग जिला पंचायत सदस्यों को जबरन घसीट रहे हैं, जबकि पास में मौजूद पुलिसकर्मी छाता संभालते दिख रहे हैं। एक अन्य फुटेज में लाल कार से तलवारनुमा हथियार निकालते भी लोग नजर आए।

पुलिस-प्रशासन पर सवाल

अपहरण की घटना ने पुलिस सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृयदेश, पूर्व विधायक संजीव आर्य और कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल समेत अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में यह घटना होना सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी है।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ नैनीताल

चुनाव के दौरान नैनीताल को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। मालरोड की ओर जाने वाले वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया। जू रोड में केवल पहचान पत्र दिखाने पर ही प्रवेश दिया गया। जिला पंचायत कार्यालय और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

FIR दर्ज, जांच जारी

घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 140(3), 174, 221 और 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसपी डॉ. जगदीश चंद्र के नेतृत्व में जांच चल रही है। वहीं एसएसपी पीएन मीणा ने बताया कि तल्लीताल थाने में शिकायत दर्ज न होने के मामले की भी जांच शुरू की गई है।

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