उत्तराखंड में चर्चित LUCC चिटफंड घोटाले की होगी CBI जांच

LUCC CHIT FUND SCAM: उत्तराखंड में तेजी से उभरकर करोड़ों की ठगी करने वाली एलयूसीसी (LUCC – Loni Urban Multi-State Credit & Thrift Co-operative Society) चिटफंड कंपनी अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। इस बहुचर्चित घोटाले की जांच अब सीबीआई (CBI) करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को CBI जांच के लिए मंजूरी दे दी है, जिससे घोटाले के पीछे की सच्चाई और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

क्या है LUCC चिटफंड घोटाला?

LUCC कंपनी ने उत्तराखंड के 35 से ज्यादा इलाकों में शाखाएं खोलकर आम नागरिकों को “कम समय में ज्यादा मुनाफे” का लालच देकर पैसा जमा करवाया। निवेशकों से कहा गया कि कंपनी का पैसा सोना, पेट्रोलियम, रिफाइनरी और विदेशी बाजारों में निवेश हो रहा है। लेकिन जब निवेश परिपक्व हुआ तो लोगों को पैसा वापस नहीं दिया गया। इस धोखाधड़ी के खिलाफ प्रदेश के 13 से अधिक जिलों में अब तक 56 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। अकेले उत्तराखंड में लगभग ₹92 करोड़ और देशभर में लगभग ₹189 करोड़ की ठगी की बात सामने आई है। अब तक इस मामले की जांच CID कर रही थी, लेकिन बढ़ते आयामों को देखते हुए अब इसे CBI को सौंपा जा रहा है।

अब तक की कार्रवाई

LUCC चिटफंड कंपनी के 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कोटद्वार निवासी तृप्ति नेगी की शिकायत पर कंपनी के मैनेजर विनीत सिंह और कैशियर प्रज्ञा रावत को गिरफ्तार किया गया। गिरीश चंद्र बिष्ट, उत्तम सिंह, समीर अग्रवाल और सबाब हुसैन के खिलाफ LOC (Look Out Circular) जारी किया गया है। राज्य के कई निवेशकों ने अपने जीवनभर की जमा पूंजी इस चिटफंड में निवेश कर दी थी।

जनहित याचिका भी पहुंची हाईकोर्ट

ऋषिकेश निवासी आशुतोष ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर पूरे मामले की CBI जांच की मांग की थी। उन्होंने बताया कि LUCC कंपनी ने साल 2021 में कई जिलों में एजेंटों के माध्यम से निवेश करवाया, लेकिन न तो कंपनी ने सोसाइटी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया और न ही RBI या SEBI से कोई अनुमति ली। साल 2023-24 में कंपनी अपने सभी कार्यालय बंद कर फरार हो गई। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार को इस तरह की संदिग्ध कंपनियों पर पहले ही सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी।

आखिर क्यों जरूरी है CBI जांच?

मामला बहु-राज्यीय (multi-state) और बहुस्तरीय (multi-layered) है। कई राज्यों में पीड़ित, इसलिए केवल राज्य स्तर की जांच पर्याप्त नहीं है। LUCC चिटफंड घोटाला उत्तराखंड का अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा CBI जांच की मंजूरी देना सरकार की गंभीरता और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे CBI जांच आगे बढ़ेगी, इस घोटाले में शामिल सभी चेहरों से पर्दा उठने की उम्मीद है। करोड़ों की ठगी में प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका है। इस मामले में पैसे की हेराफेरी, फर्जी दस्तावेज और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध शामिल हो सकते हैं।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

  1. अपनी शिकायत नजदीकी थाने या साइबर क्राइम सेल में जरूर दर्ज कराएं।
  2. FIR की कॉपी संभालकर रखें और CBI जांच शुरू होने के बाद संपर्क बनाए रखें।
  3. किसी भी संदिग्ध निवेश योजना से बचें और RBI/SEBI रजिस्टर्ड संस्थाओं में ही निवेश करें।

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Manisha Mediaperson

मनीषा हिंदी पत्रकारिेता में 20 वर्षों का गहन अनुभव रखती हैं। हिंदी पत्रकारिेता के विभिन्न संस्थानों के लिए काम करने का अनुभव। खेल, इंटरटेनमेंट और सेलीब्रिटी न्यूज पर गहरी पकड़। Uncut Times के साथ सफर आगे बढ़ा रही हैं। इनसे manisha.media@uncuttimes.com पर संपर्क कर सकते हैं।


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