लखनऊ : उत्तराखंड की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर हरेला पर्व के उपलक्ष्य में भारतीय पर्वतीय महासभा के एक शिष्टमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात में महासभा ने मुख्यमंत्री को देवभूमि उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला का प्रतीक पौधा और कलश भेंटकर सम्मानित किया।
‘देवभूमि दर्पण-2025’ भी मुख्यमंत्री को सौंपी
भारतीय पर्वतीय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह भंडारी के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कावड़ यात्रा के शानदार आयोजन और महाकुंभ 2025 की अपार सफलता के लिए बधाई दी। साथ ही, उनके 8 वर्षीय सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें हरेला पर्व के प्रतीक के रूप में एक पौधा और कलश भेंट किया। इस अवसर पर महासभा ने अपनी वार्षिक पत्रिका ‘देवभूमि दर्पण-2025’ भी मुख्यमंत्री को सौंपी।
मुख्यमंत्री ने दिया राम दरबार
इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय पर्वतीय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह भंडारी के सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें राम दरबार भेंटकर सम्मानित किया। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ओम प्रकाश उप्रेती ने मुख्यमंत्री के समक्ष संगठन की योजनाओं और कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, और सामाजिक विकास से संबंधित विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने महासभा के प्रयासों की सराहना की और संगठन को अपना मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रदान किया।
हरेला पर्व उत्तराखंड की धरोहर
हरेला पर्व उत्तराखंड का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो सावन मास के प्रारंभ में मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति और मानव के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है और पर्यावरण संरक्षण, सुख-समृद्धि, और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। हरेला पर्व के दौरान लोग पौधे रोपते हैं और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हैं। इस वर्ष हरेला पर्व का थीम “पेड़ लगाएं, हरेला मनाएं, धरती मां का ऋण चुकाएं” रहा, जिसने पर्यावरण जागरूकता को और बढ़ावा दिया। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र, विशेष रूप से अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, और पिथौरागढ़ जिलों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
भारतीय पर्वतीय महासभा की भूमिका
भारतीय पर्वतीय महासभा उत्तराखंड की सांस्कृतिक, सामाजिक, और पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संगठन विभिन्न सामाजिक कार्यों, पर्यावरण संरक्षण पहलों, और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान को मजबूत कर रहा है। हरेला पर्व जैसे आयोजनों के माध्यम से महासभा लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ओम प्रकाश उप्रेती ने बताया कि संगठन भविष्य में उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित और अधिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन प्रयासों का समर्थन करते हुए संगठन को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
शिष्टमंडल में ये रहे मौजूद


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