अल्मोड़ा में आस्था और परंपरा के प्रतीक ऐतिहासिक माँ नन्दा देवी महोत्सव जारी है। आज नंदाष्टमी है। वहीं माँ नन्दा–सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण सम्पन्न हो गया है। बीते कल नंदा देवी मंदिर परिसर में परंपरागत विधि-विधान के साथ भक्तिभावपूर्ण वातावरण में यह पावन कार्य सम्पन्न हुआ।
माता नन्दा और सुनंदा की प्रतिमाएँ तैयार
परंपरावादियों पुरानी परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी माता नन्दा और सुनंदा की प्रतिमाएँ कदली वृक्षों से तैयार की गईं। कदली वृक्ष से मूर्तियों का निर्माण न केवल धार्मिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि लोकसंस्कृति और पौराणिक मान्यताओं को भी जीवंत करता है। मान्यता है कि माँ नन्दा और सुनंदा का अल्मोड़ा आगमन क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति का द्योतक है।
बताया खास महत्व
मूर्ति संयोजक रवि गोयल ने बताया कि “माँ नन्दा–सुनंदा की प्रतिमाएँ बनाना हमारे लिए केवल एक परंपरा नहीं बल्कि माँ की सेवा का अवसर है। कदली वृक्ष से मूर्तियाँ तैयार करना पीढ़ियों से चला आ रहा कार्य है, और इस पवित्र जिम्मेदारी को निभाना सौभाग्य की बात है। हम सभी का प्रयास रहता है कि माँ के स्वरूप को पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ बनाया जाए।” मूर्ति निर्माण स्थल पर दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। भक्तों ने न केवल निर्माण कार्य देखा बल्कि पूजा-अर्चना कर माँ नन्दा–सुनंदा का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मंदिर परिसर माँ के जयकारों और पारंपरिक गीतों से गूंज उठा।
किया सहयोग
मूर्ति निर्माण कार्य में मूर्ति संयोजक रवि गोयल का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर दानिश आलम, रक्षित साह, सोनू प्रजापति, आशीष बिष्ट, रवि कन्नौजिया, डॉ. चंद्र प्रकाश वर्मा, देवेंद्र जोशी और सुरेश जोशी, अर्जुन सिंह बिष्ट मुख्य संयोजक, आशीष बिष्ट भी मौजूद रहे और उन्होंने परंपरा के अनुरूप सहभागिता निभाई।
जानें क्यों कदली वृक्ष से बनती हैं प्रतिमाएँ
कदली वृक्ष से माँ नन्दा–सुनंदा की प्रतिमाएँ बनाने की परंपरा शताब्दियों पुरानी है। माना जाता है कि यह वृक्ष माता के साथ प्रकृति की ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है प्रतिमाओं का स्वरूप भक्तों को यह संदेश देता है कि प्रकृति और संस्कृति दोनों मिलकर ही जीवन को पूर्णता प्रदान करते हैं।


मनीषा हिंदी पत्रकारिेता में 20 वर्षों का गहन अनुभव रखती हैं। हिंदी पत्रकारिेता के विभिन्न संस्थानों के लिए काम करने का अनुभव। खेल, इंटरटेनमेंट और सेलीब्रिटी न्यूज पर गहरी पकड़। Uncut Times के साथ सफर आगे बढ़ा रही हैं। इनसे manisha.media@uncuttimes.com पर संपर्क कर सकते हैं।
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